उत्तर प्रदेश के गोरखपुर ज़िले में एक शातिर को गिरफ्तार किया गया है जिसे टेरर फंडिंग नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. कहानी का दूसरा मोड़ यह है कि उसके परिजन सामने आए हैं और उसे निर्दोष बताते हुए उल्टा आरोप लगाया है कि उसे फंसाया जा रहा है. कहानी इस तरह है कि रमेश शाह मूलत गोपालगंज, बिहार के के रहने वाला है. कई साल पहले अपने पिता के साथ रमेश चार साल की उम्र में गोरखपुर आ गया था. हाई स्कूल तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद रमेश भी पिता के काम में हाथ बंटाने लगा. बाद में कुछ रुपये जोड़कर उसने अलग ठेला लगाना शुरू कर दिया लेकिन करीब सात साल पहले अचानक उसने सब्जी का ठेला लगाना बंद कर दिया और वो प्रापर्टी के कारोबार से जुड़ गया. इसी बीच वह कब और कैसे टेरर फंडिंग नेटवर्क से जुड़ गया इस बारे तो किसी को जानकारी नहीं है. महज दो से ढाई साल के अंदर ही रमेश ने अकूत संपत्ति हासिल कर ली और देखते ही देखते सुपर मार्केट का मालिक बन बैठा. क्या है पूरी कहानी? देखें तफ्तीश.from Latest News क्राइम News18 हिंदी https://ift.tt/2lvCADK
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