गीत उन्मन है, ग़ज़ल चुप है, रुबाई है दुखी और वो 'नीरज का दौर' - hindi news topindiannewshindi

hindi news topindiannewshindi

hindi news topindiannewshindi

Breaking

Home Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Thursday, July 26, 2018

गीत उन्मन है, ग़ज़ल चुप है, रुबाई है दुखी और वो 'नीरज का दौर'

बाबरी मस्जिद विध्वंस को हुए वक्त गुज़र चुका था. दंगों में झुलसे घर, गाड़ियां और लोग अब धीरे-धीरे समय की बारिश से धुल कर अपने धूसर रंग को उतार रहे थे. भोपाल में हर साल लगने वाले उत्सव मेले में पिछले चार पांच साल से फीके पड़े कवि सम्मेलन में इस बार रंग बिखरने की उम्मीद की जा रही थी.

from Zee News Hindi: Special News https://ift.tt/2uO8cZu

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages