दावा किया जा रहा है कि देश के पहले शरई कोर्ट की शुरूआत ख्वातीन बोर्ड और सुन्नी उलेमा काउन्सिल ने की है, जहां निकाह और तीन तलाक जैसे मामलों पर सुनवाई की जाएगी. इस कोर्ट में सिर्फ महिलाएं ही आवेदन कर सकेंगी और मामले की सुनवाई सिर्फ महिला मुफ्ती ही करेंगीfrom Latest News उत्तर प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2vFlsjT
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