झा ने आगे कहा, ' करतारपुर साहिब वाला भारत की कैबिनेट का फैसला है. क्रिकेट की दोस्ती कंट्री की दोस्ती नहीं होती है. सचिन तेंदुलकर जैसा होना चाहिए कि पिता जी का देहांत हुआ तो तिरंगे की इज्जत के लिए वह खेला. नवजोत जी कुछ सीख लीजिए.from Latest News देश News18 हिंदी https://ift.tt/2FBRo0y
No comments:
Post a Comment