पारो आनंद बच्चों की कहानियां लिखती हैं. उनकी उम्र पूछो तो कहती हैं, 100 साल और फिर उसमें से एक जीरो हटा देती हैं. पारो की उम्र वहीं रुक गई, जब उन्होंने सातवीं क्लास में अपने घर में रहने वाले एक काल्पनिक बंदर पैपर की कहानी सुनाई थी.from Latest News लाइफ़ News18 हिंदी https://ift.tt/2RXaEH4
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