राजस्थान के राजसमंद में गोवंश की मौजूदगी में दीपदान के बाद दर्शन करने की परंपरा है. पुष्टिमार्ग की प्रधानपीठ श्रीनाथजी मंदिर और तृतीयपीठ द्वारिकाधीश मंदिरों मे दीपावली की रात मे गौवंश को मंदिर मे ले जाकर अगले दिन होने वाले खेंखरे के लिये निमंत्रित किया जाता है. इसमें एक कामधेनू को ठाकुरजी की मूर्ति के सामने लाया जाता है और गोस्वामी परिवार के प्रतिनिधि द्वारा खेंखरे के लिए पंहुचने के लिए आंत्रित किया जाता है. इस मौके पर स्थानीय बृजवासी जाति के सदस्य दीपावली पूजन के बाद ठाकुरजी के दर्शन करते हैं. इसके बाद पटाखे जलाकर दीपावली मनाते हैं.from Latest News राजस्थान News18 हिंदी https://ift.tt/2Oyfw3r
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