एक निजी जहाज़ में बतौर रसोइया काम करने वाले सरफराज के जहाज़ का अपहरण हो गया. उन्होंने अपहरणकर्ताओं के चंगुल में सालभर से ज्यादा बिताया. उनका जहाज़ दुबई से नाइजीरिया की ओर बढ़ रहा था. जैसे ही इंडियन नेवी की सीमा से बाहर हटे, गोलियों की आवाज सुनाई दी. पढ़ाई और ट्रेनिंग के दौरान समुद्री डाकुओं के बारे में बताया गया था. उनके हमले के किस्से सुने थे लेकिन सरफराज़ जानते नहीं थे कि पहली ही नौकरी में उनसे मुलाकात हो जाएगी. यकीन करने में वक्त लगा कि ये सब फिल्म की कहानी नहीं, असलियत है.from Latest News लाइफ़ News18 हिंदी https://ift.tt/2MOmFwh
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