मिलें, वरुण खुल्लर से जो देश के पहले दिव्यांग डीजे (डिस्क जॉकी) हैं. पढ़ाई के दौरान एक एक्सिडेंट ने उन्हें हमेशा के लिए व्हीलचेयर पर ला दिया, लेकिन इससे उनके हौसलों पर कोई फर्क नहीं पड़ा. वे कहते हैं, 'आप चल रहे हों तो मैं भी तो अपनी व्हीलचेयर पर चल ही रहा हूं. इसमें फर्क कहां है! कड़े संघर्ष के बाद बीते साल जून में वरुण को बतौर डीजे पहला बड़ा ब्रेक मिला. वो कहते हैं - इस बेक्र का मेरी व्हीलचेयर से कोई ताल्लुक नहीं. इसका सीधा संबंध मेरे संगीत से है. मैं जब डीजे आमिष बनकर फ्लोर पर पहुंचता हूं तो कोई भी अपने पैरों को थिरकने से नहीं रोक पाता. चाहता हूं कि लोग मुझे मेरे म्यूजिक से याद रखें कि न कि इसलिए कि मैं व्हीलचेयर पर हूं.from Latest News लाइफ़ News18 हिंदी https://ift.tt/2OEt4L0
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